पूर्ति निरीक्षक अजीत सिंह यादव और क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी ब्रजेंद्र कुमार की संयुक्त जांच में अनियमितताएं उजागर, आधा दर्जन कोटेदार भी विभाग के रडार पर
बदौसा की आवाज़
बांदा। 6 नवम्बर 2026। गरीबों को मिलने वाले सरकारी राशन में कथित अनियमितता का गंभीर मामला सामने आया है। अतर्रा तहसील क्षेत्र के ग्राम पंचायत पवई में उचित दर विक्रेता रामबहादुर के खिलाफ ग्रामीणों की शिकायत पर हुई जांच में 113 क्विंटल से अधिक गेहूं-चावल और 39 किलोग्राम चीनी का हिसाब नहीं मिला। जांच रिपोर्ट के आधार पर जिलाधिकारी के अनुमोदन के बाद थाना बिसंडा में कोटेदार के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 के तहत एफआईआर दर्ज कराई गई है।
मामले की जांच पूर्ति निरीक्षक अजीत सिंह यादव एवं क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी ब्रजेंद्र कुमार ने संयुक्त रूप से की। जांच में राशन वितरण, ई-पॉस मशीन के संचालन और स्टॉक सत्यापन के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं सामने आने का उल्लेख किया गया है।
मुख्यमंत्री के जनता दर्शन तक पहुंची थी शिकायत
ग्राम पंचायत पवई निवासी उचित दर विक्रेता रामबहादुर (शॉप आईडी-20400147) के खिलाफ प्रेमचंद, पिंटू सहित अन्य ग्रामीणों ने राशन वितरण में गड़बड़ी की शिकायत की थी। शिकायत मुख्यमंत्री के जनता दर्शन तक भी पहुंची थी।
ग्रामीणों का आरोप था कि कोटेदार ई-पॉस मशीन पर अंगूठा लगवाकर राशन वितरण की पर्ची दे देता था, लेकिन कई बार लाभार्थियों को खाद्यान्न नहीं दिया जाता था। शिकायत के बाद विभागीय अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू की।
दुकान और गोदाम में नहीं मिला खाद्यान्न
जांच अभिलेखों के अनुसार, 29 अक्टूबर 2026 को दोपहर करीब 1:30 बजे संयुक्त जांच टीम स्टॉक सत्यापन के लिए उचित दर दुकान पहुंची। मौके पर कोटेदार उपस्थित नहीं मिला। उसकी पत्नी सरोज और अन्य लोगों की मौजूदगी में दुकान एवं गोदाम का भौतिक तथा अभिलेखीय सत्यापन किया गया।
सितंबर और अक्टूबर 2026 के खाद्यान्न वितरण एवं स्टॉक का मिलान करने पर निम्न खाद्यान्न का हिसाब नहीं मिला।
गेहूं: 42.732 क्विंटल
चावल: 70.518 क्विंटल
चीनी: 0.39 क्विंटल यानी 39 किलोग्राम
जांच रिपोर्ट के अनुसार, उक्त खाद्यान्न दुकान और गोदाम में उपलब्ध होना चाहिए था, लेकिन मौके पर नहीं मिला। कुल मिलाकर 113.25 क्विंटल गेहूं-चावल और 39 किलोग्राम चीनी का हिसाब नहीं मिला।
ई-पॉस मशीन पर अंगूठा लगवाकर राशन नहीं देने का आरोप
जांच रिपोर्ट में आरोप लगाया गया कि कार्डधारकों से ई-पॉस मशीन पर अंगूठा लगवाकर खाद्यान्न वितरण किए बिना ही वितरण दर्ज कर दिया गया। बाद में राशन लेने पहुंचे लाभार्थियों को खाद्यान्न समाप्त होने की बात कहकर वापस लौटा दिया गया।
जांच के दौरान 52 से अधिक राशन कार्डधारकों और उनके परिजनों के बयान दर्ज किए गए। कुछ लाभार्थियों ने बताया कि उन्हें दूसरे गांव की राशन दुकान से खाद्यान्न लेना पड़ा।
चीनी वितरण में भी अनियमितता
जांच रिपोर्ट में चीनी वितरण को लेकर भी शिकायतों का उल्लेख किया गया है। आरोप है कि निर्धारित मात्रा 3 किलोग्राम के स्थान पर 2.50 किलोग्राम चीनी वितरित की गई तथा निर्धारित मूल्य 18 रुपये प्रति किलोग्राम से अधिक कीमत वसूली गई।
लाभार्थियों के बयान और वितरण अभिलेखों को जांच रिपोर्ट में शामिल किया गया है।
जांच में कई लोगों के नाम का उल्लेख
जांच दस्तावेज में उचित दर विक्रेता रामबहादुर के साथ उनकी पत्नी सरोज, भतीजे दिनेश कुमार पुत्र राजा, माता प्रसाद पुत्र स्वर्गीय नन्हें प्रजापति तथा चचेरे भाई अशोक यादव पुत्र स्वर्गीय बैजनाथ का उल्लेख किया गया है।
दस्तावेज के अनुसार, जांच के दौरान उपस्थित व्यक्तियों के बयान और हस्ताक्षर दर्ज किए गए। इन व्यक्तियों का उल्लेख जांच अभिलेखों के संदर्भ में किया गया है।
जिलाधिकारी के अनुमोदन के बाद एफआईआर
जांच रिपोर्ट में आवश्यक वस्तु (विक्रय एवं वितरण नियंत्रण का विनियमन) आदेश 2016 तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के उल्लंघन का आरोप लगाया गया है।
जिलाधिकारी बांदा के 2 नवंबर 2026 के अनुमोदन के बाद पूर्ति निरीक्षक अजीत सिंह यादव ने थाना बिसंडा में एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई की। पुलिस अभिलेखों के अनुसार, मामले में एफआईआर संख्या 0481 दर्ज की गई है।
अतर्रा के आधा दर्जन कोटेदार भी रडार पर
आपूर्ति निरीक्षक अतर्रा अजीत कुमार ने मोबाइल पर बताया कि कोटेदारों की गलत कार्यप्रणाली को लेकर अतर्रा तहसील के करीब आधा दर्जन कोटेदार विभागीय जांच के रडार पर हैं। उन्होंने कहा कि जल्द ही उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
सरकारी राशन वितरण में सामने आई इस अनियमितता ने विभागीय निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब अन्य संदिग्ध राशन दुकानों पर होने वाली कार्रवाई को लेकर भी क्षेत्र में चर्चा तेज है।
बदौसा की आवाज़ | निष्पक्ष खबर, जनता की आवाज़।




